• सुपर भगवा सुपर भगवा अनार

सुपर भगवा अनार - सुपर भगवा अनार स्वास्थ्यवर्धक फल है इसका उपयोग खाने के रूप मंे ज्यूस, चाॅकलेट, केक, जैली और सुखाकर किया जाता है यह अधिक आय देने वाला है।

उन्नत किस्में - भगवा/सिन्दूरी, मृदुला, गणेष, सुपर भगवा, जालोर सीडलेस, कन्धारी वण्डरफुल और 256 किस्में है

घरेलू एवं विदेषी बाजार में सुपर भगवा अनार के उच्चे मूल्य की प्राप्ति को देखते हुए राजस्थान के कृशकांे का रुझान सुपर भगवा अनार की खेती करने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

  • जहां षुश्क एंव अर्द्ध षुश्क जलवायु होती है वहां सुपर भगवा अनार के बगीचे स्ािापना हेतू उपयुक्त रहती है । सुपर भगवा अनार की लगभग सभी किस्मों के फल बड़े आकार के होते है।
  • फल मीठा रसदार एवं स्वादिश्ठ होते है।
  • इस कारण बाजार में भाव अच्छे मिलते है।
  • तील साल बाद औसत पैदावार 40-50 किलोग्राम प्रति पौधा हो जाती है ।
  • सुपर भगवा अनार का बगीचा लगाने का अच्छा समय जुलाई - अगस्त है।
  • पौधे 12 गुना 12 फीट की दूरी से लगाना उचित रहता है।
  • पौधे से पौधे की दूरी 12 फीट रखी जा सकती है।

पौधा रोप के समय 2 फीट गुना 2 फीट का गहरा गडढ़ा खोदकर महिना भर खूला छोड़ दे तत्पष्चात् पहली वर्षा होते ही निर्जमीकृत मिट्टी एवं गोबर की कम्पोस्ट खाद के मिश्रण से गड्डे को भरकर अच्छी तर सिंचाई कर पौधा लगाना चाहिये। दिमक का प्रकोप हो तो दिमक रोधी दवाई का प्रयोग करना आवष्यक है।

मृदा तथा पत्ति विष्लेशण के आधार पर पौधे को पोशण तत्व नाइट्रोजन फास्फोरस व पोटाष देना चाहिए। खाद एवं उर्वरक देने का समय, विधि एवं मात्रा पौधे को देय पोशक तत्वों पर निर्भर है।

पौधे को फर्टिगेषन यानी पोशक तत्व देने की मात्रा अफलन, फलन पौधे के लिए भिन्न-भिन्न रहती है। इसकी मात्रा पूर्णतः पौधे की आयु पर निर्भर करती है ।

अच्छे फल उत्पादन के लिए पौधे को पर्याप्त मात्रा मे नाइट्रोजन, फास्फोरस मैग्नीज, काॅपर आदि तत्वों की आवष्यकता रहती है। अतः अपने बगीचें को किसी विषशज्ञों की देख रेख में तैयार करावें एवं नियमित अवलोकन करावें ताकि अच्छी पैदावार ली जा सकंे ।

  • सुपर भगवा अनार के बगीचे मे बूंद - बूंद सिंचाई पद्धति का उपयोग करना लाभदायक रहता है । इस से पानी की बचत भी होती है। साथ ही फर्टिलाइजन देने में भी आसानी रहती है । कम मजदूरी लगती है ।
  • एक सरकारी बीघा में 120 पौधे लगाए जा सकते है।
  • 30 से 40 किलो ग्राम प्रति पौधा फल का निर्यात क्वालिटी का उत्पादनक लिया जा सकता है ।
  • जो बाजार में 50 से 60 किलो भाव मिल जाता है ।
  • इस प्रकार एक सरकार बीघे से 2 से 2.5 लाख की आमदनी प्राप्त की जा सकती है ।